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से बंधी
हुई थी
वफ़ा
तुमनें
वचन निभाने कि औकात नहीं हैं
हमप्यारऔररिस्तोंकोकिसीकेदिलपरजबरदस्तीथोपनहीसकते।🌸अस्मिताप्रशांतपुष्पांजलि🌸
नारी
कसमें-वादों
कुछकरलेनेदो
सानी कोई नहीं
प्यार
रुष्ठ
कदर न थी
की थी
एनिवर्सरी,
लगा था
सफलता प्राप्त आसानी से मिल जा
पहले
नीरस ही
मैनें मैगी
Hindi
बनाई थी
Quotes
शनिवार: दोस्तों आधी रात को मैनें मैगी बनाई थी, बड़े दिनों क ...
बिछड़ने से पहले कदर न थी मेरी जिंदगी बना दी थी खाक बिछड़ने क ...
वीरवार: मेरे दोस्त की मम्मी जी नर्स थी, बहुत ही दयालु स्वभा ...
नानी पान खाकर स्कूल गई। मास्टर जी देखकर पिटाई की।तब से नानी ...
वीरवार: झूठी मोहब्बत नहीं की थी, वफ़ा का वादा न किया था। मर ...
वीरवार: वफ़ा मोहब्बत नहीं की थी, प्यार का वादा न किया था। ...
शनिवार: ज़िंदगी आम थी, नीरस ही तो थी। प्रकृति हो गई थी, रूष् ...
वीरवार: आज वीरवार है दोस्तों, आज सगाई एनिवर्सरी। जब उनके स ...
शनिवार: जैसे ही मेरी प्रेम-कहानी शुरू हुई थी, मोहब्बत पर कि ...
शुक्रवार: कुछ कसमें खाई थी तुमने, कुछ वादे निभाने थे तुमने। ...
मंगलवार:- कसमें-वादों से बंधी वो जंजीर थी, जो तुमनें बड़ी आ ...
शुक्रवार: नारी आज भी अबला नहीं है, नारी कभी भी अबला नहीं थी ...
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